कई पूर्व विधायक और नेताओं ने थामा सपा का दामन
लखनऊ। पूर्व कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूल बाबू, पूर्व विधायक दीना नाथ कुशवाहा, पूर्व एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी, एआईएमआईएम कन्नौज से पूर्व प्रत्याशी दानिश खान, इटावा की पहली ड्रोन पायलट रंजना पाल और पूनम पाल अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। रविवार को सपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी को सदस्यता दिलाई।
नए साथियों से पार्टी होगी मजबूत : अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि बहुजन समाज और समाजवादी पार्टी का रिश्ता गहरा है। नए साथियों के आने से पार्टी और मजबूत होगी तथा 2027 में पीडीए की जीत और बड़ी होगी। उन्होंने इसे “पीडीए का प्रेम प्रसार समारोह” बताते हुए कहा कि होली मिलन से पहले यह पीडीए होली मिलन है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी में शामिल सभी नेताओं को पूरा सम्मान और राजनीतिक जिम्मेदारी दी जाएगी।
सामाजिक न्याय और 2027 का लक्ष्य
अखिलेश यादव ने कहा कि सभी मिलकर सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती देंगे। उनका लक्ष्य 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनाना है। उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन से ही सबको इंसाफ मिलेगा।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने जताया भरोसा
नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अखिलेश यादव और नेताजी मुलायम सिंह यादव के साथ अपने पुराने रिश्तों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे जिस भी दल में रहे, नेताजी और अखिलेश यादव का सम्मान करते रहे। उन्होंने भरोसा जताया कि सभी नेता और कार्यकर्ता अनुशासन के साथ मिलकर सपा को मजबूत करेंगे।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सिद्दीकी ने कहा कि सपा सरकार ने देश में सबसे पहले बेरोजगारी भत्ता दिया था और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की पूरे देश में सराहना होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रदेश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर हैं तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी
सिद्दीकी ने शेरो-शायरी के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और बताया कि प्रदेशभर से 15,718 लोग विभिन्न दलों को छोड़कर सपा में शामिल हुए। उनके साथ पूर्व विधायक राधेराल रावत, राम जियावन, मौलाना जमीन कास्मी, शिव शंकर भुर्जी, शंभू प्रजापति, मौ. अयाज आब्दी, चमन लाल (पूर्व वामसेफ प्रभारी), अफजल सिद्दीकी और शाहिद शेख समेत बड़ी संख्या में लोग सपा में शामिल हुए।
बसपा और कांग्रेस का सफर
उल्लेखनीय है कि बसपा सरकारों में कद्दावर मंत्री रहे नसीमुद्दीन सिद्दीकी आठ वर्ष पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। पिछले महीने उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था और अब सपा का दामन थाम लिया है।
