
लखनऊ – परिवहन विभाग में सामने आए वसूली कांड के बाद की गई कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। वसूली के आरोप में कई एआरटीओ (प्रवर्तन) को निलंबित किए जाने के बाद अब अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं। विभागीय कार्रवाई शुरू होते ही परिवहन विभाग में हड़कंप मच गया है। खुलासे के बाद लखनऊ, फतेहपुर और रायबरेली में तैनात एआरटीओ (प्रवर्तन) को निलंबित कर दिया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई की जद में पहले इन जिलों में तैनात रह चुके अधिकारी भी आ सकते हैं और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि एसटीएफ ने लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव और फतेहपुर सहित कई जिलों में सक्रिय वाहन वसूली रैकेट का पर्दाफाश किया था। जांच के दौरान वसूली से जुड़े अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने पर संबंधित जिलों में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।
परिवहन मंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद ही तीन जिलों के एआरटीओ (प्रवर्तन) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। जांच प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।