पावर कॉरपोरेशन की नई भर्ती व्यवस्था से अभ्यर्थी नाराज़

पावर कॉरपोरेशन की नई भर्ती व्यवस्था से अभ्यर्थी नाराज़ UPPCL sarwadhik news


पीईटी आधारित शॉर्टलिस्टिंग को बताया अवसर सीमित करने वाला फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) द्वारा भर्ती नियमों में किए गए हालिया बदलावों को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। नई व्यवस्था के तहत अब भर्तियों में अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) और राज्य व केंद्र सरकार की अन्य समतुल्य परीक्षाओं के स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

पुरानी व्यवस्था हटने से बढ़ी चिंता
अब तक चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा की मेरिट और कटऑफ के आधार पर उम्मीदवारों का चयन होता था। लेकिन बदली हुई प्रक्रिया को अभ्यर्थी अपने अवसरों को सीमित करने वाला कदम बता रहे हैं। उनका कहना है कि वर्षों की तैयारी के बाद अचानक नियम बदलना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।

नई नियमावली में क्या है बदलाव
नई नियमावली के अनुसार, पावर कॉरपोरेशन रिक्त पदों के मुकाबले PET या अन्य समकक्ष परीक्षाओं के स्कोर के आधार पर 5 से 10 गुना अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करेगा। इसके बाद चयन प्रक्रिया में टाइप टेस्ट और लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस प्रणाली से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार प्रारंभिक चरण में ही बाहर हो जाएंगे और प्रतिस्पर्धा का दायरा सीमित हो जाएगा।

पुरानी भर्ती प्रक्रिया बहाल करने की मांग
अभ्यर्थियों ने मांग की है कि पहले की तरह भर्तियां विद्युत सेवा आयोग के माध्यम से कराई जाएं और पुरानी चयन नियमावली को ही लागू रखा जाए। उनका कहना है कि नियमों में अचानक बदलाव से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।

वेबिनार में भी उठा मुद्दा
भर्ती नियमों में बदलाव का मुद्दा राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के साप्ताहिक वेबिनार में भी प्रमुखता से उठा। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि 23 जनवरी को किए गए संशोधनों को लेकर अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी सेवा विनियमावली-2015 और अवर अभियंता विनियमावली-2017 में किए गए संशोधनों को अभ्यर्थी अपने अधिकारों के खिलाफ मान रहे हैं।

सरकार और प्रबंधन को भेजी जा रही आपत्तियां
वेबिनार में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि नई व्यवस्था से प्रतियोगी छात्रों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उपभोक्ता परिषद के अनुसार बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री, पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और परिषद को ई-मेल के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।

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