बजट पर प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष का बजट “अभी नहीं तो कभी नहीं” जैसी मजबूरी का परिणाम नहीं, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा “हम तैयार हैं” वाला क्षण है। उनके अनुसार यह बजट भारत की विकसित राष्ट्र बनने की प्रबल इच्छा को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।
बजट सिर्फ बही-खाता नहीं, एक दृष्टिकोण
पीटीआई-भाषा को दिए विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट सामान्य बही-खाता दस्तावेज की मानसिकता से तैयार नहीं किया गया है। उन्होंने लाल किले से दिए अपने संबोधन—“यही समय है, सही समय है”—को याद करते हुए कहा कि अब यह भावना राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का रूप ले चुकी है और देश में नया आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने विकास का उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत किया है। महामारी के बाद की विश्व व्यवस्था भारत के लिए नए अवसर लेकर आई है और कई देश व्यापार व नवाचार के क्षेत्र में साझेदारी के इच्छुक हैं। उन्होंने युवा आबादी, कम मुद्रास्फीति, व्यापक आर्थिक स्थिरता और सुधार-केंद्रित नीतियों को देश की ताकत बताया।
अमृत महोत्सव से बढ़ी मिशन की भावना
उन्होंने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव जैसे आयोजनों ने देशवासियों में मिशन की भावना को और मजबूत किया है। स्वच्छता से लेकर सामाजिक व्यवहार तक, लोगों में यह समझ बढ़ी है कि विकसित राष्ट्र का निर्माण केवल बुनियादी ढांचे या अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि सामाजिक आदतों में बदलाव से भी होता है।
21वीं सदी की दूसरी तिमाही का पहला बजट
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस बजट को केवल “बजट-2026” के रूप में नहीं, बल्कि 21वीं सदी की दूसरी तिमाही के पहले बजट के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक की उपलब्धियों को मजबूती देते हुए यह बजट अगले 25 वर्षों की दिशा तय करता है। जिस प्रकार 1920 के दशक के निर्णयों ने 1947 की स्वतंत्रता की नींव रखी, उसी तरह वर्तमान फैसले 2047 तक विकसित भारत की आधारशिला तैयार करेंगे।
व्यापक रणनीति और चरणबद्ध कार्ययोजना
मोदी ने कहा कि उनके नेतृत्व में सरकार व्यापक रणनीति, मजबूत कार्य योजना और प्रभावी कार्यान्वयन पर काम करती है। हर बजट में स्पष्ट उद्देश्य, समय-सीमा और चरणबद्ध कार्ययोजना होती है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने संरचनात्मक कमियों को दूर करते हुए सुधार लागू किए हैं, गरीबों के अवसर बढ़ाए हैं, युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाया है तथा किसानों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित किया है।
