माघ मेले का भव्य समापन
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेला रविवार को महाशिवरात्रि पर्व के पावन स्नान के साथ संपन्न हो गया। पर्व के अवसर पर करीब 40 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
देर रात से जारी रहा स्नान
मेला प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का मेला क्षेत्र में आगमन शुरू हो गया था। पूरे दिन श्रद्धालु गंगा और संगम में स्नान करते रहे। महाशिवरात्रि के स्नान के साथ लगभग डेढ़ महीने से जारी माघ मेला निर्विघ्न रूप से संपन्न हो गया।
2013 कुंभ का रिकॉर्ड पीछे छूटा
अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की संख्या के लिहाज से इस वर्ष के माघ मेले ने 2013 में आयोजित प्रयागराज कुंभ के आंकड़ों को काफी पीछे छोड़ दिया। वर्ष 2013 में आयोजित कुंभ मेले में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद
इस वर्ष माघ मेला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच तनातनी को लेकर भी चर्चा में रहा। मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान संगम नोज पर उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भारी भीड़ का हवाला देते हुए पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पालकी पर समर्थकों के साथ संगम जाने से कथित रूप से रोक दिया।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि सभी घाटों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें तैनात रहीं। नाविकों और गोताखोरों को भी विभिन्न घाटों पर लगाया गया था।
निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी
प्रशासन की ओर से सभी घाटों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई थी। मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से की गई। सभी अधिकारी पूरे समय मेला क्षेत्र में भ्रमणशील रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
