लखनऊ के करीब पांच लाख वोटरों को भेजी जा रही नोटिसें
13 मान्य दस्तावेजों में से एक प्रमाण पत्र देना अनिवार्य
लखनऊ। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत उन मतदाताओं को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो गई है, जिनकी मैपिंग वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो पाई है। ऐसे मतदाताओं की कुल संख्या 1 करोड़ 4 लाख है, जिनमें लखनऊ के लगभग पांच लाख मतदाता शामिल हैं।
दो पेज की होगी नोटिस
जारी की जा रही नोटिस दो पेज की है। पहले पेज पर नोटिस से संबंधित विवरण दर्ज है, जबकि दूसरे पेज पर चुनाव आयोग द्वारा मान्य 13 दस्तावेजों की सूची दी गई है। मतदाता को इन 13 विकल्पों में से किसी एक दस्तावेज के साथ घोषणा पत्र भरकर बीएलओ को सौंपना होगा।
नोटिस के बाद होगी सुनवाई
नोटिस मिलने के सात दिन बाद मतदाता की सुनवाई की तिथि निर्धारित की जाएगी। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) या सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा।
डाटा लॉक होने के बाद नोटिस वितरण शुरू
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को एसआईआर से जुड़ा पूरा डाटा लॉक कर दिया गया है। इसके बाद ईआरओ द्वारा नोटिसों की छपाई कर उन्हें बीएलओ को सौंपा गया है। बीएलओ के माध्यम से नोटिस घर-घर पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
अनमैप्ड वोटरों पर होगा अंतिम निर्णय
शनिवार से उन मतदाताओं को नोटिस मिलना शुरू हो गया है, जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई थी। ऐसे मतदाताओं की संख्या लगभग 5.52 लाख बताई जा रही है। अनमैप्ड मतदाताओं द्वारा नोटिस का जवाब दिए जाने के बाद ईआरओ स्तर पर सुनवाई कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
