ठाकुरगंज टीबी संयुक्त अस्पताल बना बहु-विशेषज्ञ इलाज का भरोसेमंद केंद्र : डॉ. एसपी सिंह

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यहां सिर्फ टीबी नहीं, कैंसर सर्जरी और घुटना प्रत्यारोपण भी सफल : चिकित्सा अधीक्षक

लखनऊ। ठाकुरगंज स्थित टीबी संयुक्त अस्पताल अब केवल क्षय रोग (टीबी) तक सीमित नहीं रहा है। यहां कैंसर की सर्जरी से लेकर घुटनों के सफल प्रत्यारोपण तक किए जा चुके हैं। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र केवल पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है।

डॉक्टरों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी: डॉ. एसपी सिंह

डॉ. सिंह ने कहा कि ईश्वर के बाद यदि किसी को सबसे अधिक सम्मान मिलता है तो वह डॉक्टर हैं। ऐसे में चिकित्सकों की जिम्मेदारी है कि वे मरीजों को निराश न करें और सही परामर्श, सस्ती व सुलभ दवाएं उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को ऐसी दवाएं लिखनी चाहिए जो हर मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल सकें।

गरीब और जरूरतमंदों का भरोसे का केंद्र

डॉ. सिंह ने बताया कि ठाकुरगंज टीबी संयुक्त अस्पताल वर्षों से गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए भरोसे का केंद्र रहा है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने यहां टीबी के साथ-साथ अन्य बीमारियों का इलाज भी शुरू कराया। अस्पताल में कैंसर पीड़ित एक मरीज के गाल की गांठ की सफल सर्जरी की गई, और वह आज सामान्य जीवन जी रहा है।


सवाल-जवाब के जरिए अस्पताल की पूरी तस्वीर

सवाल: क्या टीबी अस्पताल में अन्य बीमारियों का इलाज होता है?

जवाब:
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की जिम्मेदारी केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी चिकित्सा और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना भी है। टीबी मरीजों को यहां नि:शुल्क दवाएं, जांच, भर्ती सुविधा और पोषण सहयोग मिलता है। साथ ही, अन्य रोगों के मरीज भी नियमित रूप से परामर्श और इलाज के लिए आते हैं।

सवाल: अस्पताल की लैब में कौन-कौन सी जांचें होती हैं?

जवाब:
हाल ही में 24×7 लैब सुविधा शुरू की गई है। गंभीर मरीज किसी भी समय जांच करा सकते हैं। एक्स-रे, सीबी-नॉट सहित कई आधुनिक जांचें उपलब्ध हैं। इससे इलाज में देरी नहीं होती और मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

सवाल: टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर आपकी क्या योजना है?

जवाब:
टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, बशर्ते मरीज इलाज बीच में न छोड़े। समय पर जांच और इलाज से यह बीमारी छह माह में पूरी तरह ठीक हो सकती है। लोगों को डर और झिझक छोड़कर सरकारी अस्पतालों पर भरोसा करना चाहिए।

सवाल: टीबी के अलावा कौन से अभियान चल रहे हैं?

जवाब:
समाज में टीबी को लेकर कई भ्रांतियां हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच और दवाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं। लोगों को आगे आकर भारत सरकार के टीबी उन्मूलन अभियान में सहयोग देना चाहिए।

सवाल: ठाकुरगंज टीबी अस्पताल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?

जवाब:
यहां गरीब और गंभीर मरीजों को नि:शुल्क, गुणवत्तापूर्ण और संपूर्ण इलाज मिलता है। हाल के वर्षों में जांच, सर्जरी और इलाज की सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है।

सवाल: टीबी मरीजों को यहां कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?

जवाब:
नि:शुल्क दवाएं, एक्स-रे, खून व बलगम की जांच, भर्ती सुविधा और पोषण सहयोग उपलब्ध है। भर्ती होने वाले सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर ही अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं।

सवाल: क्या कैंसर और अन्य बीमारियों का इलाज भी यहां संभव है?

जवाब:
हां, अब यह अस्पताल केवल टीबी तक सीमित नहीं है। यहां जनरल मेडिसिन, छाती रोग, सर्जरी और कुछ कैंसर सर्जरी की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। हाल की कैंसर सर्जरी अस्पताल की बड़ी उपलब्धि है।

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