
नई दिल्ली । देश की पहली सहकारी-संचालित ऑनलाइन कैब सेवा भारत टैक्सी की औपचारिक शुरुआत बृहस्पतिवार को केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की। फिलहाल यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में शुरू की गई है, जबकि अगले तीन वर्षों में इसका विस्तार देश के सभी राज्यों में किया जाएगा।
ड्राइवर-स्वामित्व मॉडल की खासियत
अमित शाह ने कहा कि अमूल सहित देश की आठ प्रमुख सहकारी संस्थाओं द्वारा स्थापित भारत टैक्सी से ड्राइवरों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी और उन्हें इस प्लेटफॉर्म पर स्वामित्व भी मिलेगा। उन्होंने बताया कि यह मॉडल अन्य ऑनलाइन कैब सेवाओं से अलग है, क्योंकि इसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि मंच के सह-मालिक भी होंगे।
कमाई का 80% सीधे ड्राइवर को
कार्यक्रम में मौजूद हजारों ड्राइवरों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि हर 100 रुपये की कमाई में से 80 रुपये सीधे ड्राइवरों के बैंक खाते में जाएंगे। शेष 20 रुपये प्लेटफॉर्म संचालन के लिए रखे जाएंगे, जिनका स्वामित्व भी ड्राइवरों के पास ही रहेगा और लाभ को उनके साथ साझा किया जाएगा।
बिना कमीशन, स्थिर किराया मॉडल
भारत टैक्सी के जरिए कार, तिपहिया और दोपहिया वाहन बुक किए जा सकेंगे। यह सेवा बिना किसी कमीशन और पीक आवर्स में भी किराया स्थिर रखने जैसे मूल्य निर्धारण मॉडल पर काम करेगी। इसे विदेशी निवेश आधारित प्लेटफॉर्म्स का स्वदेशी और सहकारी विकल्प माना जा रहा है।
तीन साल में देशभर में विस्तार का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में भारत टैक्सी सेवा कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक पहुंचेगी और टैक्सी चालकों के लिए एक बड़ा कल्याणकारी मंच बनेगी।
बीमा और सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी
भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को इफको-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस के माध्यम से व्यक्तिगत दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति बचत और समर्पित सहायता प्रणाली जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव करेगा संचालन
इस सेवा का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड करेगी, जिसका पंजीकरण 6 जून 2025 को बहु-राज्य सहकारी समितियां अधिनियम, 2002 के तहत हुआ था। इसका गठन एनसीडीसी, इफको, अमूल (जीसीएमएमएफ), कृभको, नैफेड, नाबार्ड, एनडीडीबी और एनसीईएल जैसी संस्थाओं ने मिलकर किया है।
अब तक के आंकड़े
पायलट चरण के बाद से अब तक तीन लाख से अधिक ड्राइवर इस मंच से जुड़ चुके हैं और एक लाख से ज्यादा उपयोगकर्ताओं ने पंजीकरण कराया है। दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10,000 से अधिक यात्राएं पूरी की जा रही हैं, जबकि करीब 10 करोड़ रुपये सीधे ड्राइवरों को वितरित किए जा चुके हैं।
दिल्ली में सहायता केंद्र
दिल्ली में भारत टैक्सी सेवा के लिए सात सहायता केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जिससे ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को बेहतर सहयोग मिल सके।