नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश और किसानों को अमेरिका के हाथों “बेचने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करे, मुकदमा चलाए या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाए, वह किसानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।
“मुकदमा हो या विशेषाधिकार हनन, पीछे नहीं हटूंगा”
राहुल गांधी ने एक्स (X) और अपने व्हाट्सएप चैनल पर जारी वीडियो में कहा, “एफआईआर हो, मुकदमा दर्ज हो या विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएं, मैं किसानों के लिए लड़ूंगा।” उन्होंने कहा कि कोई भी ऐसा व्यापार समझौता जो किसानों की रोजी-रोटी छीन ले या देश की खाद्य सुरक्षा को कमजोर करे, वह किसान-विरोधी है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नए India-US Trade Agreement में अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शुल्क और अन्य अवरोध हटाने की बात की गई है। उनके अनुसार, विदेशी कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलना देश की खाद्य सुरक्षा और किसानों की आय पर सीधा हमला है।
छोटे किसानों के भविष्य पर खतरे की चेतावनी
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि भारत के 99.5% किसान छोटे और सीमांत हैं, जिनके पास पर्याप्त सब्सिडी या संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में बड़े पैमाने पर मशीनों से खेती होती है और वहां सरकार भारी सब्सिडी देती है। ऐसे में यदि भारतीय किसानों को सस्ती, सब्सिडी वाली अमेरिकी उपज से मुकाबला करना पड़ा, तो वे टिक नहीं पाएंगे।
“पहले काले कानून, अब विदेशी दबाव”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पहले सरकार ने “काले कृषि कानून” लाए थे और अब अमेरिकी दबाव में भारतीय खेती के दरवाजे खोल दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते पर न किसानों से सलाह ली गई, न संसद को पूरी जानकारी दी गई।
सड़क से संसद तक लड़ाई का ऐलान
राहुल गांधी ने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरा नहीं हुआ, बल्कि अब उनके भविष्य को दांव पर लगा दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी देश के अन्नदाताओं के साथ खड़ी है और सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।
