
लखनऊ – डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में देश का पहला ब्रेल पुस्तकालय स्थापित किया गया है। रविवार को दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने पुस्तकालय का उद्घाटन किया। यह पुस्तकालय लुई ब्रेल की जयंती के अवसर पर दृष्टिबाधित दिव्यांगों को समर्पित एक विशेष उपहार के रूप में विकसित किया गया है। पुस्तकालय में स्नातक और परास्नातक स्तर के 54 पाठ्यक्रमों पर आधारित 400 ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही 150 से अधिक पाठकों की क्षमता वाला एक विशाल वाचनालय भी तैयार किया गया है, जो अध्ययन के लिए शांत और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में ब्रेल पुस्तकों की संख्या बढ़ाकर 10 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शैक्षणिक पुस्तकों के साथ-साथ उपन्यास, नाटक और महापुरुषों की जीवनियां भी शामिल होंगी। ब्रेल पुस्तकालय स्थापित करने वाला यह विश्वविद्यालय देश का पहला विश्वविद्यालय बन गया है। राज्य विश्वविद्यालय स्तरीय इस ब्रेल पुस्तकालय का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ब्रेल लिपि दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए शिक्षा का अत्यंत सशक्त माध्यम है, जो उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
स्नातक एवं परास्नातक स्तर की 4,000 शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि इस ब्रेल पुस्तकालय में विश्वविद्यालय के स्वयं के ब्रेल प्रेस द्वारा प्रकाशित राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप स्नातक एवं परास्नातक स्तर की 4,000 शैक्षणिक ब्रेल पुस्तकें उपलब्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पुस्तकालय केवल विश्वविद्यालय के छात्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाहरी दृष्टिबाधित व्यक्ति भी सदस्यता लेकर यहां अध्ययन कर सकेंगे। इसके लिए विशेष, आकस्मिक और कॉर्पोरेट सदस्यता की व्यवस्था की गई है। विशेष सदस्यता विद्वानों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और लखनऊ के अन्य निवासियों के लिए उपलब्ध होगी, जिसके लिए सदस्यता फॉर्म के साथ दो आवासीय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।