निर्वाचन आयोग लोकतंत्र का रक्षक नहीं, वोट चोरी की साज़िश का हिस्सा बना : राहुल गांधी

निर्वाचन आयोग लोकतंत्र का रक्षक नहीं, वोट चोरी की साज़िश का हिस्सा बना: राहुल गांधी sarwadhik news rahul gandhi

गुजरात में SIR प्रक्रिया के जरिए विपक्षी मतदाताओं के नाम काटने का आरोप

कहा– ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के संवैधानिक अधिकार पर हमला

नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को गुजरात में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया के तहत मुख्य विपक्षी दल समर्थक मतदाताओं के नाम जानबूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं

निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि

“निर्वाचन आयोग अब लोकतंत्र का रक्षक नहीं रहा, बल्कि वोट चोरी की साज़िश का मुख्य सहभागी बन चुका है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि SIR को ‘एक व्यक्ति, एक वोट’ के संवैधानिक अधिकार को खत्म करने के हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि यह तय किया जा सके कि सत्ता में कौन रहेगा।

SIR के नाम पर सुनियोजित वोट चोरी का दावा

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गुजरात कांग्रेस कमेटी के एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए कहा कि गुजरात में SIR के नाम पर
“सुनियोजित, संगठित और रणनीतिक वोट चोरी” की जा रही है।

उन्होंने कहा,

“जहां-जहां SIR, वहां-वहां वोट चोरी। यह कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है।”

हजारों आपत्तियां एक ही नाम से दर्ज होने का आरोप

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सबसे चौंकाने वाली और खतरनाक बात यह है कि एक ही नाम से हजारों आपत्तियां दर्ज कराई गईं, जिसके जरिए चुन-चुनकर खास वर्गों और कांग्रेस समर्थक बूथों के मतदाताओं के नाम हटाए गए।

भाजपा हार की आशंका पर मतदाता हटाने का आरोप

राहुल गांधी ने कहा कि

“जहां भाजपा को हार दिखती है, वहां मतदाताओं को ही सिस्टम से गायब कर दिया जाता है।”

उन्होंने दावा किया कि यही पैटर्न पहले आलंद और राजुरा में देखा गया और अब वही ब्लूप्रिंट गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों में लागू किया जा रहा है, जहां SIR प्रक्रिया थोपी गई है।

लोकतंत्र पर खतरे की चेतावनी

राहुल गांधी ने कहा कि SIR को इस तरह लागू करना संवैधानिक मूल्यों और लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है, क्योंकि इससे जनता की बजाय सत्ता में किसे रहना है, यह भाजपा तय कर रही है।

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