
नई दिल्ली । रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लंबे समय से लंबित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में लिया गया।
💰 3.60 लाख करोड़ रुपये की सैन्य खरीद को हरी झंडी
डीएसी ने सशस्त्र बलों की युद्धक क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 3.60 लाख करोड़ रुपये के सैन्य उपकरणों की पूंजीगत खरीद को स्वीकृति दी। राफेल सौदे की अनुमानित लागत 2.90 से 3.15 लाख करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक लागत का खुलासा नहीं किया गया है।
🇫🇷 18 विमान सीधे फ्रांस से, बाकी भारत में होंगे निर्मित
सूत्रों के अनुसार, 18 राफेल विमान फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation द्वारा सीधे उड़ान भरने की स्थिति में आपूर्ति किए जाएंगे, जबकि शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। इस परियोजना में 50% से अधिक स्वदेशी उत्पादन (Make in India) शामिल होगा और निर्माण चरणबद्ध तरीके से होगा।
🛡️ IAF की घटती स्क्वाड्रन ताकत के बीच बड़ा कदम
भारतीय वायुसेना की स्वीकृत 42 स्क्वाड्रन की संख्या घटकर 31 रह गई है। इसी पृष्ठभूमि में 114 मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे युद्ध की सभी परिस्थितियों में हवाई वर्चस्व और लंबी दूरी के आक्रामक हमलों की क्षमता मजबूत होगी।
📜 2019 से लंबित थी MRFA परियोजना
अप्रैल 2019 में भारतीय वायुसेना ने 114 MRFA की खरीद के लिए 18 अरब अमेरिकी डॉलर के अनुमान के साथ RFI जारी किया था। इस वैश्विक निविदा में Lockheed Martin (F-21), Boeing (F/A-18) और Eurofighter Typhoon भी दावेदार थे।
🤝 मैक्रों की भारत यात्रा से पहले मिली मंजूरी
राफेल सौदे को मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से चार दिन पहले मिली है। हालांकि अंतिम अनुबंध इस वर्ष के अंत तक होने की संभावना है, क्योंकि लागत और हथियार पैकेज को लेकर विस्तृत बातचीत अभी बाकी है। अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की स्वीकृति भी जरूरी होगी।
🚀 मिसाइल, AS-HAPS और नेवी को भी बड़ी स्वीकृति
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MRFA के साथ फाइटर मिसाइलों की खरीद को भी मंजूरी मिली, जिनमें से अधिकांश का निर्माण भारत में होगा।
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Airship Based High Altitude Pseudo Satellite (AS-HAPS) को भी हरी झंडी मिली, जिसका उपयोग ISR (Intelligence, Surveillance, Reconnaissance) के लिए होगा।
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भारतीय नौसेना को 4 मेगावाट समुद्री गैस टरबाइन आधारित जनरेटर और P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान की खरीद की मंजूरी मिली है।
🔎 पहले भी हो चुका है 36 राफेल का सौदा
2015 में मोदी सरकार ने 36 राफेल विमानों के अधिग्रहण की घोषणा की थी, जिन्हें वर्तमान में भारतीय वायुसेना संचालित कर रही है। 114 विमानों का यह नया सौदा रक्षा क्षेत्र में अब तक के सबसे बड़े अधिग्रहण कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है।