डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल

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डॉ. दिनेश शर्मा बने अंडमान-निकोबार के नए उपराज्यपाल

राष्ट्रपति ने जारी की नियुक्ति की अधिसूचना, पदभार ग्रहण करने की तिथि से होगा प्रभावी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से शनिवार देर रात उनकी नियुक्ति की आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई। यह नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।

राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी बयान में कहा गया कि भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के प्रावधानों के तहत डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। उनके पदभार संभालते ही यह नियुक्ति लागू हो जाएगी।

उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा चेहरा

62 वर्षीय डॉ. दिनेश शर्मा लंबे समय से भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वर्ष 2017 से 2022 तक उन्होंने राज्य सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और शिक्षा सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

राजनीति में आने से पहले डॉ. शर्मा शिक्षाविद के रूप में भी अपनी पहचान बना चुके हैं। वे लखनऊ विश्वविद्यालय से जुड़े रहे और शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने के बाद सार्वजनिक जीवन में आए।

राज्यसभा कार्यकाल से पहले मिली नई जिम्मेदारी

डॉ. दिनेश शर्मा वर्तमान में राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला था। संसद में उन्होंने भाजपा की ओर से सक्रिय भूमिका निभाई और उच्च सदन में पार्टी के प्रमुख चेहरों में रहे। उपराज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति को भाजपा नेतृत्व द्वारा उनके प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक योगदान के सम्मान के रूप में देखा जा रहा है।

प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उपमुख्यमंत्री के रूप में काम करने का अनुभव अंडमान एवं निकोबार के प्रशासनिक संचालन में उनके लिए उपयोगी साबित हो सकता है। केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण यहां उपराज्यपाल की भूमिका प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

डॉ. दिनेश शर्मा की नियुक्ति के साथ ही अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह को नया संवैधानिक प्रमुख मिल गया है। अब उनके जल्द ही पदभार ग्रहण करने की संभावना है, जिसके बाद वह केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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