पटना के गांधी घाट और पंडारक में गंगा उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया हवाई सर्वेक्षण
पटना। बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच गंगा नदी ने पटना के गांधी घाट और पंडारक में अब तक का सर्वोच्च बाढ़ स्तर पार कर लिया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ से 11 जिलों के 50 प्रखंडों और 201 ग्राम पंचायतों में करीब 10.26 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
गांधी घाट पर टूटा 2016 का रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग के मुताबिक, शनिवार सुबह 10 बजे पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर चार घंटे में 10 सेंटीमीटर बढ़कर 50.53 मीटर पर पहुंच गया। यह 21 अगस्त 2016 को दर्ज 50.52 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर अधिक है।
विभाग ने अनुमान जताया है कि रविवार सुबह आठ बजे तक गांधी घाट पर जलस्तर बढ़कर 50.62 मीटर तक पहुंच सकता है, जिससे राजधानी के निचले इलाकों में जलभराव का खतरा और बढ़ गया है।
पंडारक में भी पार हुआ उच्चतम स्तर
पटना के पंडारक में भी गंगा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। यहां जलस्तर 43.78 मीटर दर्ज किया गया, जबकि पिछला उच्चतम स्तर 43.73 मीटर था, जो 16 अगस्त 2021 को दर्ज हुआ था।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
राज्य के कई हिस्सों में प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। इनमें शामिल हैं:
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डुमरियाघाट और हाजीपुर में गंडक
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बलतारा में कोसी
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खगड़िया में बूढ़ी गंडक
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दीघा, हाथीदह, भागलपुर, कहलगांव, बक्सर और मुंगेर में गंगा
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श्रीपालपुर में पुनपुन
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दरौली में घाघरा
इन नदियों के बढ़ते जलस्तर से कई इलाकों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।
11 जिलों में व्यापक असर
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार और अररिया शामिल हैं। इन जिलों के हजारों परिवारों के सामने आवागमन, पेयजल और आजीविका की समस्या खड़ी हो गई है।
मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को भागलपुर और नवगछिया के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को समय पर आवश्यक व्यवस्थाएं करने, पर्याप्त राहत सामग्री उपलब्ध कराने और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि प्रभावित लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जरूरतमंद को राहत से वंचित न रहना पड़े। उन्होंने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
केंद्र और राज्य सरकार की नजर
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और राहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
प्रशासन की अपील
जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने, निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
