126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने सुनाया फैसला, पति सौरभ की हत्या के मामले में 30 सितंबर को ठहराए गए थे दोषी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दी गई उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) के.के. चौबे के मुताबिक, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई। इसके बाद अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड देने का फैसला सुनाया।
फैसले के दौरान मृतक सौरभ की मां रेनू, उसकी मौसी, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत में मौजूद रहे। बेटे की हत्या के बाद न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ रहे परिवार ने फैसले पर उम्मीद जताई थी।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए दोषी
जिला शासकीय अधिवक्ता के.के. चौबे ने बताया कि अदालत ने 30 सितंबर को सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था। बुधवार को सजा पर बहस के लिए दोनों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किया गया।
सजा सुनाने से पहले न्यायाधीश ने दोनों दोषियों से पूछा कि वे सजा के संबंध में कुछ कहना चाहते हैं या नहीं। जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान और साहिल को अलग-अलग पेश किया गया और दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि सुनवाई संक्षिप्त रही। अदालत ने दोनों से विभिन्न बिंदुओं पर सवाल किए, जिनमें फॉरेंसिक रिपोर्ट से संबंधित सवाल भी शामिल थे। हालांकि, उन्होंने सवालों का विस्तृत विवरण साझा नहीं किया।
फैसले से पहले बेचैन थे मुस्कान और साहिल
जेल प्रशासन के मुताबिक, सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल काफी परेशान और बेचैन नजर आ रहे थे। दोनों ने मंगलवार रात और बुधवार सुबह बहुत कम खाना खाया। बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से वे ठीक से सो भी नहीं पा रहे थे।
उधर, अदालत के फैसले से पहले सौरभ की मां रेनू ने संवाददाताओं से कहा कि बेटे की हत्या के बाद से उनका परिवार न्याय पाने के लिए हर स्तर पर प्रयास कर रहा था। उन्होंने दोनों दोषियों को फांसी की सजा मिलने की उम्मीद जताई और मामले में सहयोग करने वाले प्रशासन तथा अन्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
तीन मार्च 2025 को हुई थी सौरभ की हत्या
पुलिस के अनुसार, तीन मार्च 2025 की रात सौरभ राजपूत की हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आए अभियोजन के आरोपों के मुताबिक, मुस्कान ने कथित तौर पर अपने पति को मादक पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी।
आरोप है कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से सील कर दिया गया। इसी वजह से यह मामला ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश चले गए थे। पुलिस ने दोनों को 18 और 19 मार्च 2025 के दौरान गिरफ्तार किया था।
126 तारीखों तक चली सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में गवाह और साक्ष्य पेश किए। करीब 126 तारीखों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई और बुधवार को दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।
इस फैसले के साथ चर्चित हत्याकांड में निचली अदालत की सजा संबंधी कार्यवाही का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। हालांकि, मृत्युदंड के मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की संभावनाएं भी कानूनी रूप से महत्वपूर्ण होंगी।
