13 राहत शिविरों में 935 लोग ठहरे, लखीमपुर खीरी में शारदा नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर
वाराणसी/लखीमपुर खीरी। वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर रविवार को घटने लगा है, लेकिन शहर के निचले इलाकों और वरुणा नदी के किनारे बसे मोहल्लों में अब भी बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि प्रशासन राहत और जल निकासी के कार्यों में जुटा हुआ है।
चेतावनी निशान से नीचे आया गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, रविवार दोपहर दो बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 69.76 मीटर दर्ज किया गया। नदी का पानी लगभग एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। यह स्तर 70.262 मीटर के चेतावनी निशान से नीचे है, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। गंगा का अब तक का सर्वाधिक जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया जा चुका है।
हालांकि जलस्तर में कमी आने के बावजूद नदी किनारे बसे कई इलाकों में पानी भरा हुआ है और लोगों का जनजीवन प्रभावित बना हुआ है।
जलभराव पर विधायक का विरोध
कश्मीरी गंज-गुरुधाम इलाके में जलभराव और सीवेज की समस्या का जायजा लेने पहुंचे भाजपा विधायक सौरभ श्रीवास्तव को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज लोगों ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इलाके में लंबे समय से बनी जल निकासी की समस्या उठाई।
राहत शिविरों में 935 लोगों को ठहराया गया
जिला प्रशासन के अनुसार, गंगा और वरुणा नदियों का जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्रों में 13 बाढ़ राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में 219 परिवारों के 935 लोगों को ठहराया गया है। प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने बताया कि जिन इलाकों में सीवर और जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, वहां पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का जलस्तर घटा
उधर, लखीमपुर खीरी में बनबसा बैराज से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने के बाद पलिया पुल के पास शारदा नदी का जलस्तर कुछ घटा है। बैराज अधिकारियों के अनुसार, शनिवार रात 10 बजे नदी में पानी का बहाव 1.25 लाख क्यूसेक था, जो रविवार दोपहर दो बजे घटकर 1.22 लाख क्यूसेक रह गया।
खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही शारदा
पलिया के उपजिलाधिकारी पुष्पक ने बताया कि शारदा नदी का जलस्तर घटने के बावजूद पलिया पुल पर नदी अब भी खतरे के निशान से करीब 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी में उफान के कारण पलिया तहसील क्षेत्र के कई गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं, हालांकि अब तक किसी गांव के पूरी तरह बाढ़ की चपेट में आने की सूचना नहीं है।
उन्होंने बताया कि ढकिया गांव के बाहरी हिस्से में नदी किनारे बना एक छोटा मंदिर बह गया है, जबकि गांव का मुख्य मंदिर सुरक्षित है और नदी से दूर स्थित है।
कई गांवों में जलभराव
निघासन और लखीमपुर तहसील के कई गांवों में शारदा नदी के बढ़े जलस्तर और शनिवार से रुक-रुककर हो रही भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव उपाय करने की तैयारी में है।
