अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे दोनों वकील, एक घायल; ढांचे की सुरक्षा जांच के आदेश
गोरखपुर। गोरखपुर में रविवार को राप्ती नदी के किनारे स्थित गुरु गोरखनाथ घाट पर आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। बिजली गिरने के कारण श्मशान घाट परिसर में बना एक गुंबदनुमा शेड ढह गया, जिसकी चपेट में आने से एक अधिवक्ता की मौत हो गई, जबकि दूसरे अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। जिला प्रशासन ने घटना की जांच के साथ-साथ घाट परिसर में बने अन्य ढांचों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं।
अंतिम संस्कार के दौरान हुआ हादसा
अधिकारियों के अनुसार, मौसम में अचानक बदलाव के बीच श्मशान घाट परिसर में आकाशीय बिजली गिरी, जिससे अंतिम संस्कार में शामिल लोगों के लिए बनाए गए गुंबदनुमा शेड का एक हिस्सा टूटकर गिर गया। हादसे के समय शेड के नीचे बैठे दो अधिवक्ता मलबे में दब गए।
घाट पर मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और मलबा हटाकर दोनों घायलों को बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
एक अधिवक्ता की मौत, दूसरे का इलाज जारी
जिला प्रशासन के मुताबिक, मृतक की पहचान राप्ती नगर निवासी आलोक अस्थाना (45) के रूप में हुई है। वहीं घायल अधिवक्ता संजय सिंह, जो शक्ति नगर कॉलोनी के निवासी हैं, को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया गया कि दोनों अधिवक्ता अपने साथी अधिवक्ता विनोद तिवारी की मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने गुरु गोरखनाथ घाट पहुंचे थे। दाह संस्कार के दौरान वे शेड के नीचे बैठे थे, तभी बिजली गिरने से यह हादसा हो गया।
डीएम ने दिए तकनीकी जांच के आदेश
गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि प्रारंभिक जांच में बिजली गिरने से ढांचे का हिस्सा ढहने की बात सामने आई है। उन्होंने पूरे परिसर का तकनीकी निरीक्षण कराने और संबंधित अधिकारियों को ढांचे की संरचनात्मक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने हादसे के दौरान एंबुलेंस सेवा में देरी की शिकायतों की भी जांच कराने का आदेश दिया है।
अन्य ढांचों की भी होगी सुरक्षा जांच
गौरतलब है कि 27.85 करोड़ रुपये की लागत से विकसित गुरु गोरखनाथ घाट का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 फरवरी 2021 को किया था। इस हादसे के बाद प्रशासन ने घाट परिसर में बने सभी गुंबदनुमा ढांचों की सुरक्षा और मजबूती की व्यापक जांच कराने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
