घर से उठाकर लखनऊ ले गए एजेंट, चार दिन तक कमरे में रखा; मजदूरी कराने और 12,500 रुपये मांगने का भी आरोप
लखनऊ। निगोहां थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन की बकाया किस्त वसूली के नाम पर एक युवक को कथित तौर पर घर से जबरन उठाकर लखनऊ ले जाने और चार दिनों तक बंधक बनाकर रखने का मामला सामने आया है। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि मोबाइल दुकानदार से जुड़े रिकवरी एजेंटों ने युवक के साथ मारपीट की, अस्पताल ले जाकर उसका जबरन एक यूनिट खून निकलवाया और इसके बाद कमरे में बंधक बनाकर उससे मजदूरी कराई। आरोपियों ने युवक के परिजनों से रुपये भी मांगे। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपी समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किस्त न जमा होने पर पहले फोन ले गए थे
निगोहां थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत पुरहिया निवासी नेवल कुमार के भाई राजकुमार के मुताबिक, करीब एक साल पहले नेवल ने निगोहां स्थित गीता मोबाइल शॉप से किस्त पर मोबाइल फोन खरीदा था। दो महीने बाद किस्त जमा नहीं हो पाने पर दुकान और कंपनी से जुड़े कुछ लोग उसके घर पहुंचे और मोबाइल अपने साथ ले गए। उस समय कथित तौर पर कहा गया था कि किस्त जमा करने के बाद फोन वापस कर दिया जाएगा।
राजकुमार के अनुसार, मोबाइल ले जाने के बाद काफी समय तक कोई व्यक्ति उनके घर नहीं आया। इसी बीच बीते 6 और 7 सितंबर को शुभम सिंह नामक युवक उनके घर के आसपास रेकी करने आया।
दुकान ले जाने के बहाने बाइक पर बैठाया
आरोप है कि 8 सितंबर को शुभम अपने एक साथी के साथ बाइक से गांव पहुंचा और नेवल को यह कहकर जबरन अपने साथ ले गया कि उसे दुकान ले जाकर बातचीत के बाद छोड़ दिया जाएगा। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवक नेवल को दुकान ले जाने के बजाय सीधे लखनऊ के एक अस्पताल ले गए।
परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में दबाव बनाकर नेवल का एक यूनिट खून निकलवाया गया। इसके बाद उसे लखनऊ स्थित एक कमरे में ले जाकर कथित तौर पर बंधक बना लिया गया।
कमरे में कराया मजदूरी का काम
पीड़ित के भाई का आरोप है कि कमरे में नेवल से जबरन मजदूरी कराई गई और उसके साथ मारपीट भी की गई। 9 सितंबर को आरोपियों ने नेवल से उसके भाई राजकुमार को फोन करवाया और 2,600 रुपये की मांग की।
राजकुमार के मुताबिक, उसने नेवल के आने-जाने के किराये समेत कुल 2,799 रुपये साइबर कैफे से ऑनलाइन बारकोड के माध्यम से भेज दिए। इसके बावजूद नेवल को नहीं छोड़ा गया।
12,500 रुपये और देने की मांग
आरोप है कि उसी रात करीब 10 से 11 बजे के बीच कमरे में नेवल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि जब तक 12,500 रुपये और नहीं दिए जाएंगे, तब तक उसे नहीं छोड़ा जाएगा।
चार दिनों तक कथित प्रताड़ना के बाद परेशान राजकुमार ने 12 सितंबर को निगोहां थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी और घटना की जानकारी दी।
पुलिस के दबाव में रैपिडो से भेजा घर
परिजनों के मुताबिक, पुलिस द्वारा आरोपियों से संपर्क किए जाने और दबाव बनाए जाने के बाद आरोपी घबरा गए। आरोप है कि उन्होंने खुद नेवल को घर पहुंचाने के बजाय लखनऊ से रैपिडो बाइक बुक की और उसे चुपचाप उस पर बैठाकर निगोहां भेज दिया।
घर लौटे नेवल के शरीर पर चोट के निशान बताए जा रहे हैं।
तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पीड़ित की मां जदुराई की लिखित तहरीर पर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश के बाद निगोहां पुलिस ने नामजद आरोपी शुभम सिंह और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ धारा 143(3), 146, 127(3) और 115(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
तहरीर में युवक को अगवा करने, लखनऊ ले जाकर जबरन खून निकलवाने, कमरे में बंधक बनाकर मजदूरी कराने और परिजनों से रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
