
फैजुल्लागंज से नैमिष तक किया हवाई सर्वे, दर्जनों गांवों में बाढ़ जैसे हालात
जनहानि पर चार लाख की तत्काल मदद, मकान, फसल और पशुहानि का भी मिलेगा मुआवजा
लखनऊ। गोमती नदी के बढ़े जलस्तर से फैजुल्लागंज से नैमिष तक प्रभावित इलाकों को बाढ़ से बचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर तटबंध बनाया जाएगा। तटबंध पर आवागमन के लिए सड़क भी बनाई जाएगी, जिससे यह बाढ़ से सुरक्षा के साथ लोगों के आवागमन में भी उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंध के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। मानसून समाप्त होने के बाद धनराशि जारी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने फैजुल्लागंज से नैमिष तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
गोमती किनारे तैयार होगा तटबंध का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव को फैजुल्लागंज से नैमिष तक गोमती नदी के किनारे सर्वे कर तटबंध का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तटबंध के बाहर बारिश का पानी जमा न हो, इसके लिए भी प्रभावी इंतजाम किए जाएं। जलभराव की स्थिति में पंपिंग सेट लगाकर आबादी की ओर जमा पानी को नदी में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा कि तटबंध को हर मौसम में उपयोगी बनाया जाएगा और इसके ऊपर आवागमन की सुविधा भी विकसित की जाएगी।
50 से अधिक जिलों में हुई भारी बारिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 10 दिनों में प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में भारी बारिश हुई है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और नेपाल में हुई बारिश का पानी पांच-छह दिन बाद नीचे पहुंचने के कारण गोमती का जलस्तर बढ़ा। इसके चलते बख्शी का तालाब, लखनऊ उत्तर और फैजुल्लागंज से नैमिष तक के क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह लगातार बाढ़ की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे थे। जमीनी स्थिति देखने और प्रभावित लोगों की समस्याएं जानने के लिए वह स्वयं क्षेत्र में पहुंचे हैं।

प्रभावित परिवारों से मिले, राहत सामग्री बांटी
मुख्यमंत्री बख्शी का तालाब तहसील क्षेत्र में आयोजित बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंट एवं राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की और उनकी समस्याएं सुनीं।
उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
जनहानि पर चार लाख की तत्काल सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ में डूबने या आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को तत्काल चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। बारिश के कारण मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पशुहानि की भी भरपाई की जाएगी। राहत और बचाव कार्य पूरा होने के बाद फसलों का समय से सर्वे कराया जाएगा और किसानों को नियमानुसार फसल नुकसान का मुआवजा दिया जाएगा।

राहत शिविरों में बिजली और सुरक्षा की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में बिजली की समस्या होने पर पेट्रोमैक्स और सोलर लाइट की व्यवस्था की जाएगी। जो परिवार अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में पहुंचे हैं, उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव के चौकीदार, होमगार्ड, पीआरडी और पुलिसकर्मी रात में पेट्रोलिंग करेंगे।
मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार अवनीश अवस्थी, विधायक योगेश शुक्ला व डॉ. नीरज बोरा, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय मौर्य और नगर पंचायत इटौंजा के अध्यक्ष अखिलेश कुमार अवस्थी समेत प्रशासन, पुलिस और सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

राजनाथ सिंह ने फोन कर ली बाढ़ की जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार सुबह फोन कर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने भी फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध बनाए जाने से बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तटबंध को मंजूरी दे दी गई है और इसके लिए तत्काल धनराशि जारी कर निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि आपदा की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और प्रशासन को इसके लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई गई है।