सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हुई, एक पद अब भी रिक्त
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को तीन नवनियुक्त न्यायाधीशों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को पद की शपथ दिलाई। तीनों के शपथ लेने के बाद सर्वोच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 38 है, ऐसे में एक पद अभी रिक्त है।
सीजेआई समेत 37 न्यायाधीश कार्यरत
तीन नए न्यायाधीशों की नियुक्ति से पहले सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश समेत 34 न्यायाधीश कार्यरत थे। मंगलवार को तीनों न्यायाधीशों के शपथ लेने के बाद यह संख्या बढ़कर 37 हो गई। शपथ ग्रहण समारोह सुप्रीम कोर्ट परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें न्यायपालिका से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
राष्ट्रपति ने नियुक्ति को दी मंजूरी
इससे एक दिन पहले केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से बताया था कि राष्ट्रपति ने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से विचार-विमर्श के बाद तीनों न्यायाधीशों की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को मंजूरी दी है। यह नियुक्तियां सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा तीनों को शीर्ष अदालत में पदोन्नत किए जाने की सिफारिश के कुछ दिनों बाद हुईं।
कॉलेजियम ने की थी सिफारिश
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल के नाम की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी। जस्टिस अग्रवाल का मूल हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट है।
इसी तरह दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के नाम की भी शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के लिए सिफारिश की गई थी। उनका मूल हाईकोर्ट भी इलाहाबाद हाईकोर्ट है।
वहीं, तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को भी सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत करने की सिफारिश की गई थी। उनका मूल हाईकोर्ट झारखंड हाईकोर्ट है।
तीनों न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट में कुल 37 न्यायाधीश कार्यरत हो गए हैं, जबकि स्वीकृत 38 पदों में से एक पद अभी खाली है।
