नीला ड्रम हत्याकांड : मुस्कान और साहिल दोषी करार, अगली सुनवाई में होगा सजा का ऐलान

Share Now

नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल दोषी करार, अगली सुनवाई में होगा सजा का ऐलान

मेरठ। मेरठ के ब्रह्मपुरी क्षेत्र के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड (नीला ड्रम हत्याकांड) में जिला अदालत ने बुधवार को आरोपी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार दिया। अदालत अब अगली सुनवाई में दोनों की सजा पर फैसला सुनाएगी।

जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे के मुताबिक, जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सजा के संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए दोनों को 15 दिन का समय दिया है। इससे पहले अदालत ने 19 सितंबर को दोषसिद्धि पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

126 सुनवाइयों के बाद आया फैसला

अभियोजन पक्ष ने मामले में 22 गवाह पेश किए। करीब 13 महीने तक चली 126 सुनवाइयों के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। अभियोजन ने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की है।

फैसले के दौरान सौरभ राजपूत की मां, भाई और परिवार के अन्य सदस्य अदालत कक्ष में मौजूद रहे। वहीं मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए।

तीन मार्च 2025 को हुई थी हत्या

पुलिस के अनुसार, 3 मार्च 2025 की रात सौरभ राजपूत की हत्या की गई थी। आरोप है कि मुस्कान ने अपने पति को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और फिर साहिल की मदद से चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें एक नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश चले गए थे। पुलिस ने उन्हें 18-19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किया था।

फैसले से पहले बढ़ाई गई सुरक्षा

अदालत के संभावित फैसले को देखते हुए कचहरी परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अभियोजन के अनुसार, दोनों आरोपियों के व्यवहार में भी बदलाव देखा गया था। साहिल पिछले कुछ दिनों से शांत और गुमसुम था, जबकि मुस्कान और साहिल अपना अधिकांश समय प्रार्थना में बिता रहे थे।

मामला सामने आने के बाद लोगों में काफी आक्रोश था। दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया जाता रहा। इससे पहले एक पेशी के दौरान आक्रोशित वकीलों द्वारा साहिल के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई थी।

Read More : यूपीआई भुगतान पर शुल्क के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *