
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हुई मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के कारण जलभराव, यातायात बाधित होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राहत आयुक्त के अनुसार, प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है, जबकि पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में औसत से करीब 19 गुना अधिक बारिश हुई।
लखनऊ में 21 घंटे में 125.8 मिमी बारिश
राजधानी लखनऊ में शनिवार सुबह तक बीते 21 घंटों के दौरान 125.8 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।
कई जिलों में रिकॉर्ड बारिश
राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने बताया कि कुछ जिलों में सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई।
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फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना अधिक बारिश
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कानपुर नगर में 160 गुना अधिक
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कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में 130 गुना अधिक वर्षा दर्ज की गई।
पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार रविवार को भी कई स्थानों पर बारिश और गरज के साथ बौछारें जारी रह सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ से सटे क्षेत्र में बना निम्न दबाव का क्षेत्र दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। शनिवार सुबह इसका केंद्र प्रयागराज से करीब 230 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। इसके शनिवार शाम तक सक्रिय रहने और अगले 12 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की संभावना है।
अयोध्या में श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
अयोध्या में तेज बारिश और हवाओं के कारण राम पथ, राम मंदिर, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और सरयू क्षेत्र में आवाजाही प्रभावित हुई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे, लेकिन पानी भरने और तेज हवाओं के कारण उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
किसानों की बढ़ी चिंता
ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं और लगातार बारिश से धान समेत अन्य खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश लंबे समय तक जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री ने दिए विशेष सतर्कता के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को मौके पर पहुंचकर हालात की निगरानी करने, राहत कार्य तेज करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रेड अलर्ट वाले जिलों में एहतियात के तौर पर विद्यालय बंद रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इन जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा
प्रशासन ने आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट सहित कई जिलों को अचानक बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील घोषित किया है।
117 मकान क्षतिग्रस्त, राहत सहायता के निर्देश
राहत आयुक्त ने बताया कि पिछले 48 घंटों में अतिवृष्टि और आंधी-तूफान के कारण राज्यभर में 117 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। सभी संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल की बारिश से भी बढ़ी चिंता
नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है। प्रशासन को नदी किनारे के क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखने तथा बाढ़ राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले मैदानों, पेड़ों और जलाशयों के आसपास जाने से परहेज करने तथा प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।