लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इस फेरबदल में कानपुर नगर, मुरादाबाद, हरदोई, अमेठी, कुशीनगर और बागपत समेत 14 जिलों को नए जिलाधिकारी मिले हैं, जबकि शासन, विकास प्राधिकरणों, नगर निगमों और विभिन्न निगमों में भी व्यापक स्तर पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
जिलों में बड़ा बदलाव
सरकार ने सबसे महत्वपूर्ण बदलाव कानपुर नगर में किया है, जहां कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को नई जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का निदेशक बनाया गया है।
हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा अब मुरादाबाद के जिलाधिकारी होंगे, जबकि राज्य कर विभाग के विशेष सचिव राहुल पांडेय को हरदोई भेजा गया है। अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान को कुशीनगर और इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी को अमेठी का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुणमोली को एटा का जिलाधिकारी बनाया गया है। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक को संतकबीरनगर का जिलाधिकारी बनाया गया है। संतकबीरनगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार को पीलीभीत, जबकि पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया भेजा गया है।
मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत का जिलाधिकारी बनाया गया है। प्रभास कुमार को महोबा से हटाकर ग्रामीण जल निगम में भेजा गया है और उनकी जगह गजल भारद्वाज को महोबा का जिलाधिकारी बनाया गया है। उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर, सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस और अशोक कुमार को हमीरपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है।
शासन में कई विशेष सचिव बदले
शासन स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अरविंद सिंह को खाद्य एवं रसद विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। निधि श्रीवास्तव को उच्च शिक्षा विभाग से स्थानांतरित कर राज्य कर विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
अभिषेक गोयल को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। अस्मिता लाल को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में विशेष सचिव के साथ निदेशक और प्रबंध निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण निगम का दायित्व दिया गया है। विजय कुमार को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग से यूपीडेस्को का महाप्रबंधक बनाया गया है। चंद्रशेखर को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में विशेष सचिव के साथ परती भूमि विकास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां
विकास प्राधिकरणों में भी कई अहम बदलाव हुए हैं। विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। शैलेंद्र भाटिया को यूपीड़ा में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया गया है। नितिन मदान को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। गजल भारद्वाज को महोबा के जिलाधिकारी पद के साथ इन्वेस्ट यूपी में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
नगर निगम और स्थानीय निकाय
नगर निगमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक हिमांशु कौशिक को मुरादाबाद नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। वहीं मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।
निगमों और उपक्रमों में फेरबदल
सरकार ने विभिन्न निगमों और उपक्रमों में भी नई तैनातियां की हैं। जसजीत कौर को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। प्रभास कुमार को उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) का संयुक्त प्रबंध निदेशक बनाया गया है। मंगला प्रसाद सिंह को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। अमनदीप डुली को विधिक बाट-माप का नियंत्रक बनाया गया है।
मुख्य विकास अधिकारियों के तबादले
जिलों में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्य विकास अधिकारियों के स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। देवरिया के मुख्य राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को मिर्जापुर का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। मिर्जापुर के मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण भेजा गया है। सहारनपुर के अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संतोष बहादुर सिंह को मैनपुरी का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है, जबकि मैनपुरी की मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु को विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन में अपर आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार के इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को जिलों और विभागों में प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने तथा शासन और फील्ड प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की कवायद माना जा रहा है।
