
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को घोषणा की कि भदोही जिले का नाम बदलकर एक बार फिर संत रविदास नगर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर लिया गया है और यह समाज सुधारकों तथा संतों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
वाराणसी में भाजपा के समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जिला पहले संत रविदास नगर के नाम से जाना जाता था और अब इसे पुनः उसी नाम से पहचान दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महान संतों और समाज सुधारकों के नाम पर सार्वजनिक संस्थानों एवं स्थानों का नामकरण समाज को जोड़ने और उनकी विरासत को सम्मान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जो लोग समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं, उनके नाम पर सार्वजनिक स्थानों का नाम रखा जाना चाहिए।
योगी आदित्यनाथ ने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में तत्कालीन राज्य सरकार ने संत रविदास नगर का नाम बदलकर भदोही कर दिया था। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार समाज सुधारकों के सम्मान को प्राथमिकता देते हुए ऐसे ऐतिहासिक नामों को पुनर्स्थापित करने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जालंधर हवाई अड्डे का नाम संत रविदास के नाम पर रखा गया है, जबकि अयोध्या के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर है। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में कई सार्वजनिक सुविधाओं का नाम माता शबरी और निषादराज के नाम पर रखा गया है।
समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने कन्नौज में डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने प्रस्ताव मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहेब के नाम पर बहाल किया। साथ ही उन्होंने बताया कि औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के नाम पर रखा गया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास ने समानता, सामाजिक समरसता और श्रम के सम्मान का संदेश दिया था। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकारें बिना किसी जाति, धर्म या क्षेत्रीय भेदभाव के सभी पात्र लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार सार्वजनिक स्थानों पर संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के ऊपर सुरक्षात्मक छतरियां स्थापित करेगी। इसके अलावा प्रत्येक जिले में संत रविदास के नाम पर एक आवासीय विद्यालय खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर 18 अटल आवासीय विद्यालय पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं।