
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संविधान और डॉ. भीमराव अंबेडकर को लेकर भाजपा और उससे जुड़े विचारों पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान को बदलने या उसकी भूमिका को कमतर बताने की कोशिशें देश के हित में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संविधान समानता और सामाजिक न्याय का सबसे मजबूत आधार है और देश का संचालन संविधान के अनुसार ही होना चाहिए।
बाबासाहेब के सम्मान पर दिया बयान
रविवार को जारी बयान में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाबासाहेब के योगदान को लेकर कुतर्क पेश कर रहे हैं और संविधान की अहमियत को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं के साथ होने वाली तोड़फोड़ जैसी घटनाएं भी इसी मानसिकता को दर्शाती हैं।
संविधान को बताया सामाजिक न्याय का आधार
सपा अध्यक्ष ने कहा कि संविधान ने समाज में समानता और गैरबराबरी को दूर करने का रास्ता दिखाया है। उनके अनुसार, आरक्षण सहित सामाजिक न्याय से जुड़े प्रावधान वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करते हैं, इसलिए संविधान आज भी उनके लिए सुरक्षा कवच की तरह है।
‘जय जवान, जय किसान, जय संविधान’ का दिया नारा
अखिलेश यादव ने कहा कि संविधान देश के भविष्य का मार्गदर्शक दस्तावेज है और इसमें सकारात्मक परिवर्तन की शक्ति निहित है। उन्होंने “जय जवान, जय किसान, जय संविधान” का नारा दोहराते हुए कहा कि भारत संविधान के अनुसार ही चलेगा और इसकी मूल भावना को बनाए रखना आवश्यक है।