
छत्रपति संभाजीनगर । कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि प्रदर्शनकारी छात्रों को परेशान करना बंद किया जाना चाहिए, क्योंकि वे आतंकवादी नहीं बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने अपना रवैया नहीं बदला तो युवा भविष्य में सरकार बदलने की ताकत भी रखते हैं।
दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर करीब एक महीने तक चले आंदोलन के बाद छत्रपति संभाजीनगर लौटे दीपके ने हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन समाप्त किया गया। उन्होंने इसे देशभर के छात्रों की जीत बताया।
दीपके ने कहा कि वह लगभग 40 दिनों बाद अपने घर लौटे हैं। उन्होंने बताया कि भारत आने के बाद से ही वह आंदोलनों में व्यस्त रहे और करीब 36 दिनों तक दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन सफल रहा और अब वह अपने माता-पिता से मिलकर खुश हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद भी कई राज्यों में छात्रों को परेशान किया जा रहा है। उनके अनुसार, संसद मार्च के दौरान छात्रों पर बल प्रयोग किया गया और कई स्थानों पर पुलिस छात्रों के घर पहुंचकर उन्हें गिरफ्तार करने की धमकी दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के साथ संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने कहा कि छात्र आतंकवादी नहीं हैं, बल्कि देश का भविष्य हैं। यदि उनके साथ इसी तरह का व्यवहार जारी रहा तो युवा लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को भी बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद भी छात्रों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ है और आवश्यकता पड़ने पर इससे भी बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
एक प्रश्न के उत्तर में दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करते हुए उन पर राजनीतिक टिप्पणी भी की। इसके बाद उन्होंने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के निकट स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की।